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आतें है.....
जब भी वो बेनकाब आते हंै
उनकी खातिर आदाब आते है
क्या पा लिया उनकी महफिल में
लुट लुट के जनाब आते हैं
पूछतें हैं अजीबो गरीब सवाल
कौन सी पढ के वो किताब आतें है
पता नहीं क्यूं शेख जी जनाब
औरों के हिसाब में पी के शराब ..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 11:44PM on date 11-02-2015
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ना रही......
ना रही......
ना रही दोस्तों में वो दोस्ती
ब्ंादों में ना रही अब वो बंदगी
कौन होता है पशेमां किए पे अपने
पशेमां तो है पर ना रही पशेमानी
एक बोझ लिए जी रहीं है जिंदगी
जिंदगी है पर ना रही जिंदगानी
साकी के जब हमने देख..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 11:43PM on date 11-02-2015
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जिंदगी...


कहीं सहरा तो कहीं शबनम है जिंदगी
बौछार खुशी की तो कहीं गम है जिंदगी
बैठा है पहलू में मना रहा है जश्न कोई
कहीं यादों को सजाए नम है जिंदगी
क्यूं हम नहीं पाए समझ क्या है जिंदगी
कहीं हरीफ तो कहीं हमनफस है जिंदगी
आए..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 11:43PM on date 11-02-2015
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उनकी मुझ पे......
उनकी मुझ पे जब नजरे इनायत हो गई
जमाने भर से मेरी अदावत हो गई
जाने क्यूं उतर गए हरीफों के चेहरे
जैसे उनके घर कयामत हो गई
लुट गए लुटने वाले अदाओं पे उनकी
हाय बस उनकी तो नजाकत हो गई
यह भी देखिए गुस्ताखीयां प्यार में ..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 12:31AM on date 07-02-2015
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जिनकी हर कदम......

जिनकी हर कदम पर शान रखी है
मुझी से इंतकाम लेने की ठान रखी है
होश में भी यह कह दिया मेने होश नहीं
मयकशी नजरों की मेने आन रखी है
दे रहा हूं आज भी हरीफों को दावतें
ले जाओ हथेली पे जान रखी है
जिनको भी शक सुबह हो आ जा..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 12:29AM on date 07-02-2015
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रात के अंधेरे में..............

रात के अंधेरे में परछाई ने साथ छोड दिया
गैरों की मत कीजीए बात अपनों ने साथ छोड दिया
कोई गुजारता रहा जिंदगी अपनी उन यादों के सहारे
किसी ने भरी बरसात में अश्कों से दामन निचोड लिया
किसी ने किसी को डूबाकर लगा दी कश्ती ..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 11:43PM on date 02-02-2015
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दस्तूर जाम ए शराब सरगम
दस्तूर
रौशनी में साया दिखाई देता है ।
अंधेरा उसी को छीन लेता है ।
अजीब सी बात लगती है मुझे
कोई खुशी तो कोई रंज सहता है
तरसतें हैं लब दो बूंद के लिए
और कहीं देखिए सैलाब बहता है
सच कहना भी जुर्म लगता हैं अब
क..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 12:31AM on date 26-01-2015
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जमाने से हवांए कभी कुछ लिखा

दिल लगाने के बाद हो गई दुश्मनी जमाने से
जिंदगी तुझसे है या अब रही जमाने से

जब चल पडा मैं तेरी जानिब कुछ तो सोच
मेरी जिंदगी तुझसे है या जिंदगी जमाने से
हम आ गए तेरी आंखों से पीकर बस आ गए
उस दिन हो गई जानम ब..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 12:43AM on date 24-01-2015
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अतीत जफा ही जफा इस दौर कल

अतीत को सजा देने से क्या होगा हासिल
बरसेगंी आंखे और तडपेगा दिल
आ गई लौट के बहारें फिर से चमन में
कलियां पुकारतीं हैं आ आ हमसे मिल
कर ही लिया जब उसने कत्ल करने का इरादा
दो हाथ कर ही लें होगा तो होगा कातिल
बिमारे ..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 1:07AM on date 22-01-2015
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गजल लिख रहा हूं
छेडकर
छेडकर वो दास्तां पुरानी रोया
याद करके वो नादानी रोया
शमा के रुबरु बैठकर गुजारी थी
सुनकर वही हाल शमा की जुबानी रोया
दौरे सावन में जिसने बहाए आंसू
दौरे तन्हाई में सुनाके कहानी रोया
वो सुलगती संासें और बर्..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 12:26AM on date 20-01-2015
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रे मन !
रे मन ! छोड़ सुख की आस |
सुख मिलते ही इश्वर को, तू भूलेगा अनायास ||
ये जड़ है वि..   Read
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posted by Harish Chandr on date 23-02-2011
अल्लाह की याद..
थोड़ी सी इबादत बहुत सा सिला देती है,
गुलाब की तरह चेहरा खिला देती है,
अल्लाह की..   Read
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posted by Shankar Das on date 11-02-2011
कभी ज़मी न छोड़ना ..
सामने हो मंजिल तो रास्ता न छोड़ना,
जो मन में हो वो ख्वाब न तोड़ना,
हर कदम पे मिल..   Read
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posted by Shankar Das on date 11-02-2011
कोई तो है

मन की भावनाओ से लेकर
बहते हुए आँखों के पानी तक
एक रहस्य को बढ़ाते हुए
को..   Read
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posted by Bang prasad vaidya on date 30-05-2011
आंसू..!
हर एक अहसास ज़िन्दगी का
चरम सीमा को लांघते पर
चेष्टा उसे दबाने के लिए
बहते..   Read
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posted by Bang prasad vaidya on date 05-06-2011
कि कैसे कटी ये ज़िन्दगी
मत पूछो मुझसे
ऐ मेरे दोस्त!
कि कैसे कटी ये ज़िन्दगी

नए नए आयामों के
नित पाय..   Read
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posted by Shankar Das on date 03-03-2011
न मंजिल न कोई ठिकाना..!
हर एक क्षण मन में आता
जीवन के समन्दर में डूब जाना,
लहरों में हिलोरे ले रहा ले..   Read
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posted by Bang prasad vaidya on date 27-05-2011
क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता
.क्यूं कहते हो मेरे साथ कुछ भी बेहतर नही होता
सच ये है के जैसा चाहो वैसा नही हो..   Read
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posted by AJAY on date 31-08-2011
ए दिल मुझे क्या हुआ है
ए दिल मुझे क्या हुआ है
मेरी आहे मुझे क्यों छुआ है
कशमकश से भरी मेरी ज़िन्दगी ..   Read
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posted by Bang prasad vaidya on date 07-12-2011
अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना
अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना ,हर चोट के निशान को सजा कर रखना ।
उड़ना हवा में..   Read
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posted by AJAY on date 31-08-2011
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