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तमाम रिंदों से शिकायत


तमाम रिंदों से रही श्किायत तुझसे
खुदा जाने यह क्यूं है बगावत तुझसे
भुला दिए तूने कई उन पुराने रिंदों को
याद कर उनसे तो नहीं अदावत तुझसे
नशा हो ही नही रहा था साकी तेरे जामों से
लडखडाता हुआ मिला होगा जब तुझसे
..   Read
posted by MILAN AJMERI @ 2:51PM on date 07-01-2015
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मेरा गांव...
बड़ा भोला बड़ा सादा बड़ा सच्चा है
तेरे शहर से तो मेरा गांव अच्छा है
वहां मैं मेरे पिता के नाम से जाना जाता हूँ
और यहाँ माकन नंबर से पहचाना जाता हूँ
वहां फटे कपड़ो में भी तन को ढाका जाता है
यहाँ खुले बदन पे टैटू छ..   Read
posted by DEVI PRASAD CHOUREY @ 8:54AM on date 17-04-2013
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office-office
हर सुबह किवाड़ो की दरारों से रौशनी की किरण आती है
खिसकाकर कम्बल मेरा,मुझे नींद से जगाती है
देर रात तक सोची हुयी बातो का हिसाब नहीं दे पाता हु
इसलिए करके दरकिनार रौशनी को फिर से सो जाता हु
फिर मेरे मोबाइल पर एक घंटी ..   Read
posted by KSHITIJ WADBUDEY @ 9:42PM on date 18-02-2013
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Jane kya baat hai.........................
jane kya baat hai,khud se rootha hu main..bikhre hai khayalaat,khud se rootha hu main..mhujhko ye bhi nahi maloom ye hua kya hai..kuch to hai baat,khud se rootha hu main..ek bebasi si lagti hai har ghadhi..kaise hai jajb..   Read
posted by KSHITIJ WADBUDEY @ 8:51AM on date 09-10-2012
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आज खुशी इतनी उदास क्यो है.....
आज खुशी इतनी उदास क्यो है..लगी आग पानी के इतने पास क्यो है..गम मे डूबा हुआ हर शख्स क्यो है..अजनबी अनजाना सा अपना ही अक्स क्यो है..हवाओ को क्यो घुटन हो रही है..आज पानी को भी लगी प्यास क्यो है..दुश्मनो मे सहारा ढूंढता हू....   Read
posted by KSHITIJ WADBUDEY @ 12:28PM on date 01-10-2012
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एक कविता हर माँ के नाम
घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरो पर खड़ा हुआ |
तेरी ममता के छाव में,
जाने कब बड़ा हुआ |
काला टीका, दूध मलाई,
आज भी सब कुछ वैसा है |
मै ही मै हूँ हर जगह,
प्यार ये तेरा कैसा है?
सीधा-साधा भोला-भाला,
मै ही सबसे अच्छा..   Read
posted by DEVI PRASAD CHOUREY @ 9:43AM on date 04-06-2012
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वेदना गीत
आसुओं ने सदा रोक रखा मुझे , जिन्दगी ने दिया जब सहारा नही
लोग हसते रहे मै भटकता रहा , हो सकी भेट तुमसे दुबारा नही
मौत को मै पुकारा रही दूर वो ,और धडकन ह्रदय की सिसकती रही
देख के दुर्दषा जन किया कल्पना , तब से आषा हमार..   Read
posted by AJAY @ 7:08PM on date 09-09-2011
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अब और नहीं

ये दर्द बयां नहीं होता हर बार क़ुरबानी देश के लिए
ये दर्द बयां होता है बेगुनाहों के जान के लिए
ये मर्ज़ नही होता सिर्फ हमदर्दी के चादर लिए
ये मर्ज़ बहार आता सिर्फ जनता के धोखे के लिए
ये फक्र नहीं होता गुनहगारो के ..   Read
posted by Bang prasad vaidya @ 4:09PM on date 09-09-2011
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आह्‌वान गीत
हर सुबह नई आषा कीजै, हर शाम सुनहला गीत चले
मध्यान करो सौरभ प्रसाद ,युग युग तक पावन प्रीत चले
तुम प्रेम करो राघव बन के, वो सीता जग में बन जाये
छाया बन विचरो सदा ,संग आदर्ष सावित्री मिल जाये
तुम शमा बनो वे परवाना ,दौन..   Read
posted by AJAY @ 7:06AM on date 02-09-2011
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कलयुगी माया
कलयुग तेरी मांग बढ रही , सत्य पिस रहा आग लग रही
आडम्बर ने सत्य के मुख पर डाल दिया है ताला
स्वतंत्रता की देवी रो रही ,नाग बना है मतवाला
क्या उन शीषो का कटना गुनाह था ,जो घर वन सब त्यागे
गान्धी नेहरू जैसे नेता ,फिरते आ..   Read
posted by AJAY @ 9:56PM on date 31-08-2011
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नया विचार, ज़रा हट के...
चाहे मानसून लेट आया है
पर एहसास नया ये लाया है,
कानून में सुधार आया है
देश मे..   Read
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posted by Shankar Das on date 03-03-2011
वेदना गीत
आसुओं ने सदा रोक रखा मुझे , जिन्दगी ने दिया जब सहारा नही
लोग हसते रहे मै भटकता ..   Read
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posted by AJAY on date 09-09-2011
था तुम्हें मैंने रुलाया!
हा, तुम्हारी मृदुल इच्छा!
हाय, मेरी कटु अनिच्छा!
था बहुत माँगा ना तुमने किन्तु..   Read
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posted by Shankar Das on date 03-03-2011
क्या हो गया..
तुम सागर थी,
क्यों सरिता बन गई?
समझदार होकर,
क्यों नादान बन गई?
जलती र..   Read
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posted by Shankar Das on date 07-07-2011
आह्‌वान गीत
हर सुबह नई आषा कीजै, हर शाम सुनहला गीत चले
मध्यान करो सौरभ प्रसाद ,युग युग तक प..   Read
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posted by AJAY on date 02-09-2011
ऐसी अपनी wife हो
5'6" जिसकी height हो,
Jeans जिसकी tight हो,
चेहरा जिसका bright हो,
उम्र 22 से..   Read
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posted by Shankar Das on date 05-04-2011
Funny
दिल से बोलू एक बात मैं सच्ची,

हम तुम एक डाल के पंछी,

दोस्ती हमारी ये होगी ..   Read
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posted by Ramadhar on date 04-04-2011
Funny
प्रेमियों की शक्ल बिल्कुल भूत जैसी होनी चाहिए।
अक्ल असली नाप में छह सूत होनी चा..   Read
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posted by Ramadhar on date 04-04-2011
कलयुगी माया
कलयुग तेरी मांग बढ रही , सत्य पिस रहा आग लग रही
आडम्बर ने सत्य के मुख पर डाल दि..   Read
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posted by AJAY on date 31-08-2011
अब और नहीं

ये दर्द बयां नहीं होता हर बार क़ुरबानी देश के लिए
ये दर्द बयां होता है बेगुना..   Read
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posted by Bang prasad vaidya on date 09-09-2011
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