Welcome Guest, Login | Register
Home | Medical | City Info | Image Gallery | Babies Name | Utilities | Poetry | Recipe | Joke/SMS | Articles | Hostel | Trade Events| MPDarshan
 
स्नेह सरिता
स्नेह सरिता निरंतर प्रवाहित होती रहे,
न हो राग-द्वेष, हम प्रतिदिन मिलते रहे|
भावनाओं के सागर में न आये दुर्भाव,
सदभावों से सदैव ये परिपूर्ण रहे|
किंचित दुःख हो न किसी को,
सभी सदैव मुस्कुराते रहे|
न हो संकीर्ण मानसिकता, यह किसी धर्म में नहीं,
मानवता-मित्रता इससे ऊपर रहे|
posted by Shankar Das Shankar Das @ 8:07AM on date 05-08-2011
Views (1481)
0 comments
Valid XHTML 1.0 Transitional   Valid CSS!
esagar.com © 2009-2011 All rights reserved | Powered by Das Consultancy Services