Welcome Guest, Login | Register
Home | Medical | City Info | Image Gallery | Babies Name | Utilities | Poetry | Recipe | Joke/SMS | Articles | Hostel | Trade Events| MPDarshan
 
निगाहों से
निगाहों से दिल में उतरने लगा है
पर जमाने से भी वो डरने लगा है
है उम्मीदे वफा दिल में उसके
तभी तो साथ साथ चलने लगा है
ना दिन का पता ना खबर रात की
ख्यालों में उन्ही के दिल रहने लगा है
कलीयों के भंवरे को देख शर्माना
वेा इस तरह से इजहार करने लगा है
दामन को यूं लहराने का सबब
बे पर ही इन दिनों उडने लगा है
जब से हुआ है मिलन का मिलन तब से
भ्रम का सूरज धीरे धीरे ढलने लगा है
posted by MILAN AJMERI @ 12:50AM on date 11-03-2015
Views (377)
0 comments
Valid XHTML 1.0 Transitional   Valid CSS!
esagar.com © 2009-2011 All rights reserved | Powered by Das Consultancy Services