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राहे इश्क में
राहे इश्क में नींद उडाने वाला तो मिला
यादों के चिराग को जलाने वाला तो मिला
दिले बेताब रहता है ना जाने क्यूं अब भी
दिल से दूर कोई जाने वाला तो मिला
हुनर वालों को आज हुनर वाला तो मिला
आंख से उनकी काजल चुराने वाला तो मिला
वो समझ रहे थे अश्कों को मजाक मेरे दोस्त
अश्कों की अजमत को समझाने वाला तो मिला
वक्त क्या है वक्त आता है और चला जाता है
हम क्या हैं वक्त को कोई बताने वाला तो मिला
समझा रहे थे पर मिलन कहां थी फुर्सत उन्हे
हिज्र की रातों में आईना दिखाने वाला तो मिला
posted by MILAN AJMERI @ 12:53AM on date 11-03-2015
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