Welcome Guest, Login | Register
Home | Medical | City Info | Image Gallery | Babies Name | Utilities | Poetry | Recipe | Joke/SMS | Articles | Hostel | Trade Events| MPDarshan
 
देश मेरा..
आज़ादी के परवाने है,
गद्दारों के दुश्मन है,
रिश्वतखोरी नहीं चलेगी,
आज वक़्त हमारा है|

देश के दुश्मन अब हमसे,
बच नहीं पायेगा,
वो क्या जाने वतन परस्ती,
मतलब है सिर्फ पैसो से,
इस दौलत को पाने की खातिर,
करे वो सौदा दुश्मन से|

देश को बेचने के खातिर,
धमकाने वो आये है,
हम भी तो ज़रा देखे,
कितना बाजुए दम उनमे है|
posted by Shankar Das Shankar Das @ 9:04PM on date 09-02-2011
Views (1491)
1 comments
Wah wah kya baat hai. Aaj inhi jazbaaton ke kami hai.
commented by AMIT GHOSH @ 9:38PM on date 09-02-2011
Valid XHTML 1.0 Transitional   Valid CSS!
esagar.com © 2009-2011 All rights reserved | Powered by Das Consultancy Services